लखनऊ में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत विशाल जनसभा, बड़ी संख्या में जुटे भाजपा नेता और कार्यकर्ता

लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट हुए। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ जनप्रतिनिधियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की भी भागीदारी रही। जनसभा के जरिए पार्टी ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने और जनता के बीच अपनी बात पहुंचाने का संदेश दिया।

यह अभियान उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए भाजपा की राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियों का भी हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएं निकाल रही है। लखनऊ में अवध क्षेत्र की पदयात्रा 3 नवंबर को आयोजित की गई, जिसका नेतृत्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

भाजपा ने इस पदयात्रा में 30 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का लक्ष्य रखा था। कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जनप्रतिनिधियों, वकीलों, व्यापारियों, समाजसेवियों और अन्य वर्गों के लोगों की भागीदारी भी रखी गई। पदयात्रा के जरिए भाजपा ने अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने और लोगों तक अपना राजनीतिक संदेश पहुंचाने की कोशिश की।

दरअसल, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों के कारण लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं भाजपा का कहना है कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और भरोसेमंद बनाना है। इसी मुद्दे पर भाजपा विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए यह अभियान चला रही है।

भाजपा का यह अभियान केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में अलग-अलग तारीखों पर पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं। इसके तहत 3 नवंबर को लखनऊ और बरेली, 4 नवंबर को गोरखपुर, प्रयागराज और कानपुर तथा 5 नवंबर को गाजियाबाद में कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों सहित कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं।

इस अभियान के जरिए भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, जनता से सीधा संपर्क बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने में जुटी है। लखनऊ में बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से अहम बना दिया है।