दीपोत्सव-2026 में दीयों की श्रृंखला सजाएंगे अवध विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक, 25 बसों से पहुंचेंगे घाटों पर

अयोध्या में आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस आयोजन में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक भी अहम भूमिका निभाएंगे। विश्वविद्यालय के युवा स्वयंसेवक घाटों पर दीयों की श्रृंखला सजाने और दीपों को व्यवस्थित तरीके से बिछाने का काम करेंगे। इसके लिए बुधवार सुबह आठ बजे से स्वयंसेवकों का प्रस्थान शुरू होगा।

विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकों को 25 बसों के माध्यम से दीपोत्सव स्थल तक पहुंचाया जाएगा। वहां पहुंचने के बाद वे अपने निर्धारित घाटों पर दीप सजाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। दीपोत्सव की तैयारियों के तहत घाटों पर दीये बिछाने का काम भी शुरू किया जाएगा। स्वयंसेवकों की टीम इस पूरे काम को अनुशासन और आपसी सहयोग के साथ पूरा करेगी।

कुलपति ने अपने संदेश में कहा कि युवा स्वयंसेवक इस महापर्व की सबसे मजबूत कड़ी हैं। जब वे घाटों पर दीपों की श्रृंखला सजाएंगे, तो हर दीप में उनकी मेहनत, निष्ठा और समर्पण दिखाई देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वयंसेवक अपने सेवाभाव और मेहनत से एक बार फिर विश्व स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित करने में योगदान देंगे।

स्वयंसेवकों के आवागमन को व्यवस्थित बनाने के लिए यातायात समिति ने भी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। समिति के समन्वयक प्रो. अनूप कुमार के निर्देशन में 25 बसों के लिए अलग-अलग मार्ग और समय-सारिणी तय की गई है। इसका उद्देश्य सभी स्वयंसेवकों को सुरक्षित और समय पर घाटों तक पहुंचाना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी स्वयंसेवकों और नोडल अधिकारियों को निर्धारित समय से पहले पहुंचने के निर्देश दिए हैं। सभी को अपना पहचान-पत्र यानी आईडी कार्ड साथ लाना होगा और बसों में तय स्थान पर अनुशासन के साथ बैठना होगा। अवध विश्वविद्यालय की टीम दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।