उत्तर प्रदेश के अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को खास और यादगार बनाने के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरी रामनगरी को रामायण की थीम पर सजाया जा रहा है। इस बार दीपोत्सव में 3D थीम वाले प्रवेश द्वार और सेल्फी प्वाइंट श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण होंगे। इनके जरिए अयोध्या आने वाले लोग रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को करीब से देख सकेंगे और दीपोत्सव की यादों को तस्वीरों के रूप में संजो सकेंगे।
दीपोत्सव के लिए अयोध्या में कुल 13 थीमेटिक प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। इनमें तीन प्रवेश द्वार हाईवे पर और 10 राम की पैड़ी पर लगाए जा रहे हैं। इन द्वारों पर रामायण की चौपाइयां लिखी होंगी, जो श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन और उनकी लीलाओं की याद दिलाएंगी। इसके साथ ही शहर में कुल 20 सेल्फी प्वाइंट भी तैयार किए जा रहे हैं। इनमें 10 रामकथा मार्ग पर और बाकी 10 लता चौक से राम की पैड़ी तक बनाए जा रहे हैं।
इन सेल्फी प्वाइंटों को रामायण के प्रमुख प्रसंगों के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इनमें महर्षि वाल्मीकि का आश्रम, भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष तोड़ना, राम-सीता विवाह, शबरी की भक्ति, राम-भरत मिलाप, जटायु को श्रीराम का स्नेह और श्रीराम-निषादराज की मित्रता जैसे दृश्य शामिल हैं। लता चौक से राम की पैड़ी तक बनाए जा रहे सेल्फी प्वाइंट रामायण के सातों कांडों पर आधारित होंगे। इन संरचनाओं को धनुष का आकार भी दिया जा रहा है, जो भगवान श्रीराम और अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाएगा।
सेल्फी प्वाइंटों पर हनुमान जी से जुड़े कई प्रसंग भी देखने को मिलेंगे। इनमें संजीवनी के लिए सुमेरु पर्वत लेकर उड़ते हनुमान, केले के पत्ते के नीचे खड़े होकर श्रीराम को वर्षा से बचाते हनुमान और श्रीराम-लक्ष्मण को कंधे पर लेकर उड़ते हनुमान के दृश्य शामिल हैं। इसके अलावा जटायु से बातचीत करते श्रीराम, अशोक वाटिका में माता सीता से हनुमान जी की भेंट, लंका दहन, रावण वध, केवट मिलन, रावण पर बाण चलाते श्रीराम और माता सीता की अग्नि परीक्षा जैसे प्रसंग भी इन कलाकृतियों के माध्यम से दिखाए जाएंगे।
योगी सरकार अयोध्या को देश और दुनिया के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में विकसित करने के प्रयास कर रही है। इसी दिशा में दीपोत्सव के दौरान तैयार किए जा रहे ये थीमेटिक गेट और सेल्फी प्वाइंट आधुनिक 3D तकनीक के साथ रामायण की पारंपरिक कथाओं को जोड़ेंगे। इनसे श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा। साथ ही अयोध्या आने वाले पर्यटकों को तस्वीरें लेने और दीपोत्सव की यादें सहेजने का अवसर भी मिलेगा।




