भाजपा नेता संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सनातन धर्म और मंदिरों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव खुद सामने आकर बयान देने के बजाय अपने करीबी नेताओं से सनातन धर्म और मंदिरों के खिलाफ बयानबाजी करवा रहे हैं। संगीत सोम ने सपा नेता एसटी हसन और राजकुमार भाटी के हालिया बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाजी के पीछे अखिलेश यादव की सोच है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख को सनातन धर्म, भगवान राम और श्रीकृष्ण से जुड़ी आस्था और परंपराओं से परेशानी है।
राम मंदिर को लेकर एसटी हसन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संगीत सोम ने कहा कि उनके बयान से ऐसा लगता है कि वह दीवाली के बाद अयोध्या में बने राम मंदिर को गिराए जाने की बात कर रहे हैं। संगीत सोम ने इस तरह के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब रामभक्तों की सरकार है और यहां बाबर की सोच रखने वालों का शासन नहीं है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के पुराने शासनकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय रामभक्तों पर गोलियां चलवाई गई थीं और उन्हें लाठियों से पीटा गया था। संगीत सोम ने कहा कि आज प्रदेश में धार्मिक आस्था और मंदिरों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
भाजपा नेता ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि अब मथुरा में भी अयोध्या की तरह भव्य मंदिर बनेगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा का भी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। वहां भव्य मंदिर निर्माण और दीपोत्सव जैसे आयोजनों के जरिए धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाया जाएगा। संगीत सोम के इस बयान को मथुरा से जुड़े मंदिर के मुद्दे पर भाजपा की राजनीतिक और सांस्कृतिक प्राथमिकताओं के रूप में देखा जा रहा है।
संगीत सोम ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में हो रहा सांस्कृतिक विकास हजम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और दीपोत्सव जैसे आयोजनों से प्रदेश की धार्मिक पहचान को नई मजबूती मिली है, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेता इस पर सवाल उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, भगवान राम और श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों का विकास किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विषय है।
भाजपा नेता ने सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन धर्म और हिंदू आस्था से जुड़े मुद्दों पर इस तरह की बयानबाजी समाज में गलत संदेश देती है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान को महत्व देती है। संगीत सोम के इन बयानों के बाद भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हालांकि, ये सभी आरोप संगीत सोम की ओर से लगाए गए हैं। इस मामले में अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया सामने आने पर राजनीतिक बहस का रुख और स्पष्ट हो सकता है।





