अयोध्या में जलने वाला हर दीप यूपी की समृद्धि और विकास का प्रतीक: सीएम योगी

पीलीभीत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पीलीभीत के निरानपुर गांव में ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ जी की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अयोध्या में जलने वाला एक-एक दीप पूरे उत्तर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और विकास का प्रतीक है। आस्था भारत की सबसे बड़ी ताकत है, जो देश को विविधताओं के बावजूद एकता के सूत्र में बांधती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का सपना साकार हुआ है। उन्होंने 2 नवंबर 1990 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पहले रामभक्तों पर गोलियां चलाई जाती थीं, जबकि आज उनका स्वागत पुष्पवर्षा से होता है। अब अयोध्या में बेहतर सड़कें, रेल और हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। रोजाना एक लाख से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाना ही रामकथा का वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने रामराज्य की परिभाषा बताते हुए कहा कि बिना भेदभाव हर वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना ही सुशासन है। गरीबों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, युवाओं को रोजगार, किसानों को सम्मान निधि और बेटियों व व्यापारियों को सुरक्षा देना इसी सोच का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने तुष्टीकरण और संतुष्टीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि तुष्टीकरण से आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद जैसी समस्याएं बढ़ीं, जबकि संतुष्टीकरण का अर्थ बिना भेदभाव हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच से ही श्रद्धा, शांति और विकास का रास्ता खुलता है। प्रदेश में अयोध्या के साथ काशी, मथुरा-वृंदावन और विंध्यवासिनी धाम जैसे धार्मिक स्थलों का भी विकास किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार हुआ है और गोला गोकर्णनाथ में कॉरिडोर का निर्माण जारी है।

महर्षि वाल्मीकि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने रामायण के माध्यम से दुनिया को भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराया। श्रीराम का जीवन हमें परिवार, समाज और अपने कर्तव्यों के प्रति मर्यादित रहने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर महंत मिथिलेश महाराज, महंत राजूदास, मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख, संजय गंगवार, विधायक विवेक वर्मा, बाबूराम पासवान, स्वामी प्रवक्तानंद सहित कई संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।