भारत की LPG सप्लाई को लेकर सितंबर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिका से भारत आने वाली LPG की सप्लाई अगस्त के मुकाबले करीब 70 फीसदी घट गई है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए भारत के लिए LPG का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है।
सितंबर में अब तक भारत के LPG आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी रह गई है, जबकि अगस्त में यह 50 फीसदी से ज्यादा थी। इसके उलट UAE से LPG की सप्लाई तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में UAE से भारत को करीब 2.12 लाख बैरल प्रतिदिन LPG की सप्लाई हुई, जो अगस्त की तुलना में लगभग तीन गुना है। UAE की सरकारी कंपनी ADNOC ने भारत तक LPG पहुंचाने के लिए समुद्री मार्गों और शिप-टू-शिप ट्रांसफर जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया है।
इस साल की शुरुआत में पश्चिम एशिया में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास सप्लाई में आई रुकावटों के कारण भारत ने अमेरिका से LPG आयात बढ़ाया था। जुलाई में अमेरिका भारत के LPG आयात का 73 फीसदी से ज्यादा हिस्सा उपलब्ध करा रहा था। उस समय अमेरिका से करीब 9.1 लाख टन LPG भारत पहुंची थी। अब पश्चिम एशिया से सप्लाई में सुधार के साथ तस्वीर फिर बदलती नजर आ रही है।
अमेरिका से LPG की सप्लाई घटने की एक बड़ी वजह दूरी और लॉजिस्टिक्स भी है। अमेरिका से भारत तक LPG पहुंचने में पश्चिम एशिया की तुलना में ज्यादा समय लगता है और वहां से कार्गो की बुकिंग भी काफी पहले करनी पड़ सकती है। दूसरी ओर, UAE जैसे पश्चिम एशियाई देशों से भारत तक LPG अपेक्षाकृत कम समय में पहुंच सकती है। कीमत और उपलब्धता भी आयात के फैसलों में अहम भूमिका निभाती है।
भारत अपनी LPG जरूरत का करीब 60 फीसदी हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों, समुद्री मार्गों और सप्लाई में होने वाला बदलाव भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसी वजह से भारत अलग-अलग देशों से LPG आयात बढ़ाकर अपने सप्लाई स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है।भारत ने नवंबर 2025 में अमेरिका से करीब 22 लाख टन सालाना LPG आयात के लिए एक साल का समझौता भी किया था। इसका उद्देश्य LPG की सप्लाई को सुरक्षित रखना और किसी एक क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना था। हालांकि, सितंबर के मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि इस समय UAE की भूमिका तेजी से बढ़ी है और वह भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बन गया है।
कुल मिलाकर, भारत के LPG आयात का पैटर्न लगातार बदल रहा है। अमेरिका से सप्लाई में तेज गिरावट के बीच UAE की हिस्सेदारी बढ़ी है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय कीमतों, पश्चिम एशिया की स्थिति और समुद्री परिवहन पर निर्भर करेगा कि भारत की LPG सप्लाई का यह संतुलन किस दिशा में जाता है।




