वेबकैम ऑन नहीं करने पर गई नौकरी, अब शख्स ने जीता केस, मिले 80 लाख

नीदरलैंड्स में एक कर्मचारी को घर से काम करने के दौरान वेबकैम ऑन न रखने पर नौकरी से निकालना कंपनी को भारी पड़ गया। कर्मचारी ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी, जिसके बाद कोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत के आदेश के बाद कंपनी को कर्मचारी को करीब 75 हजार यूरो यानी लगभग 80 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ा।

मामला अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी Chetu से जुड़ा है। कर्मचारी 2019 से कंपनी में काम कर रहा था। अगस्त 2022 में कंपनी ने उसे एक विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किया। इसके तहत कर्मचारी को अपनी स्क्रीन शेयर करने के साथ-साथ काम के दौरान करीब 9 घंटे तक वेबकैम चालू रखने का निर्देश दिया गया था।

कर्मचारी ने पूरे समय कैमरा ऑन रखने पर आपत्ति जताई। उसका कहना था कि वह पहले से ही स्क्रीन शेयर कर रहा है और लगातार वेबकैम के जरिए निगरानी करना उसकी निजता में दखल है। इसके बाद कंपनी ने उस पर निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया और उसकी नौकरी समाप्त कर दी।

नौकरी जाने के बाद कर्मचारी ने नीदरलैंड्स की अदालत का रुख किया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान माना कि कर्मचारी ने काम करने से इनकार नहीं किया था। अदालत ने यह भी कहा कि पूरे कार्य समय कैमरा चालू रखकर निगरानी करना कर्मचारी की निजता के अधिकार में गंभीर हस्तक्षेप हो सकता है।

अदालत के फैसले के बाद कंपनी को कर्मचारी को करीब 75 हजार यूरो का भुगतान करना पड़ा। इसमें मुआवजे के साथ बकाया वेतन, छुट्टी और अन्य देय रकम भी शामिल थी। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 80 लाख रुपये है। इस मामले ने वर्क फ्रॉम होम के दौरान कर्मचारियों की निगरानी, डिजिटल प्राइवेसी और कंपनियों के अधिकारों को लेकर एक अहम बहस छेड़ दी।