नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ शुरू हुआ। पहले दिन करीब साढ़े चार घंटे तक सरकार के कामकाज, प्रशासनिक सुधार और ‘विकसित भारत@2047’ के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य मौजूदा योजनाओं और उपलब्धियों की समीक्षा करने के साथ आने वाले वर्षों के लिए मंत्रालयों की प्राथमिकताएं तय करना है।
चिंतन शिविर में अलग-अलग मंत्रालयों के मंत्रियों ने अपने विभाग के अब तक के काम, प्रमुख उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को लेकर प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान यह चर्चा की गई कि हर मंत्रालय की योजनाओं और नीतियों को 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य के साथ कैसे जोड़ा जाए। सरकारी योजनाओं की समय पर डिलीवरी, नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन और आम लोगों तक सार्वजनिक सेवाएं आसानी से पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक की खास बात यह रही कि मंत्रियों को आठ अलग-अलग समूहों में बांटा गया था। प्रधानमंत्री मोदी खुद सभी आठ समूहों के पास गए और मंत्रियों के साथ सीधे बातचीत की। उन्होंने अलग-अलग विषयों पर चल रही चर्चा, सुझावों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया, ताकि योजनाओं का काम तेजी से और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ सके।
चिंतन शिविर में सुशासन, प्रशासनिक सुधार, महिलाओं और युवाओं तक कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। ‘जन विश्वास से जन आधार’ और सरकार के कामकाज में सुधार को भी चर्चा का हिस्सा बनाया गया। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था बनाने पर है, जिसमें योजनाओं का लाभ सही समय पर लोगों तक पहुंचे और लोगों के लिए सरकारी सेवाओं का इस्तेमाल आसान हो।
‘विकसित भारत@2047’ की तैयारी को लेकर सरकार की कवायद 2021 से चल रही है। इसके तहत देश के विकास के लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म रोडमैप तैयार करने के लिए सचिवों के 10 क्षेत्र-आधारित समूह बनाए गए थे। अब तक मंत्रिपरिषद के सामने विकसित भारत से जुड़े अलग-अलग विषयों पर आठ प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं। मौजूदा चिंतन शिविर इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कड़ी है, जिसमें सचिवों के समूहों, मंत्रालयों, विभागों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के काम को एक साथ जोड़कर आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।पहले दिन की चर्चा के बाद चिंतन शिविर का दूसरा और अंतिम दिन गुरुवार को होगा। इसमें सरकार की भविष्य की प्राथमिकताओं, सुधारों और ‘विकसित भारत@2047’ के लिए आगे की रणनीति पर मंथन जारी रहेगा।





