संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत और भूटान के मजबूत रिश्तों की चर्चा हुई। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने भारत को अपना भरोसेमंद और करीबी दोस्त बताते हुए दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के सहयोग की भी तारीफ की।
शेरिंग टोबगे ने अपने संबोधन में भूटान की महत्वाकांक्षी गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत की सीमा के पास विकसित हो रही है और इसके लिए भारत तथा असम का सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत की बड़ी आबादी, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी को इस परियोजना के लिए बड़े अवसर के तौर पर बताया।
टोबगे ने कहा कि किसी भी बड़े विकास प्रोजेक्ट के लिए सिर्फ बाजार और कनेक्टिविटी ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि भरोसा भी बेहद जरूरी होता है। उन्होंने भरोसे को ऐसी ताकत बताया, जिसे खरीदा नहीं जा सकता। उनके मुताबिक, राजनीतिक स्थिरता, कानून का शासन और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना ही लंबे समय तक भरोसा कायम करता है।
भारत और भूटान के बीच रिश्ते लंबे समय से आपसी विश्वास, विकास सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर आधारित रहे हैं। दोनों देश ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, व्यापार और कनेक्टिविटी समेत कई क्षेत्रों में सहयोग करते हैं। भारत भूटान की विकास प्राथमिकताओं में भी लगातार सहयोग करता रहा है।
शेरिंग टोबगे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने मजबूत व्यक्तिगत संबंधों की बात कर चुके हैं। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से भारत की तारीफ दोनों देशों के बीच मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों को एक बार फिर सामने लाती है।





