S-400 डिफेंस सिस्टम पर रूस का सख्त रुख, तुर्की को याद दिलाई कॉन्ट्रैक्ट की शर्त

रूस ने तुर्की को S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर कॉन्ट्रैक्ट की शर्तें याद दिलाई हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि तुर्की रूस की अनुमति के बिना S-400 सिस्टम को किसी तीसरे देश को ट्रांसफर नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते में एंड-यूजर सर्टिफिकेट की शर्त शामिल है। इसके तहत सिस्टम को किसी अन्य देश को देने के लिए रूस की मंजूरी जरूरी है।

लावरोव के मुताबिक, अगर तुर्की S-400 को किसी दूसरे देश को देने का प्रस्ताव रखता है, तो रूस उस पर विचार कर सकता है। हालांकि, इसके लिए मॉस्को की आधिकारिक सहमति जरूरी होगी। रूस का कहना है कि जिस देश को यह सिस्टम दिया जाएगा, उसके साथ रूस के अच्छे संबंध होने चाहिए और यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि वह आगे S-400 को किसी अन्य देश को ट्रांसफर न करे। फिलहाल रूस को तुर्की की ओर से ऐसा कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है।

दरअसल, तुर्की ने 2017 में रूस के साथ करीब 2.5 अरब डॉलर का S-400 सौदा किया था। इस डील के बाद तुर्की और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया था। अमेरिका ने तुर्की पर प्रतिबंध लगाए और उसे F-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम से भी बाहर कर दिया। अब S-400 को किसी तीसरे देश को देने की संभावनाओं को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हुई है। हालांकि, किसी नए ट्रांसफर या अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने भी S-400 को लेकर अलग-अलग पक्षों के साथ बातचीत जारी रहने की बात कही है। ऐसे में फिलहाल पूरा मामला रूस की मंजूरी और पुराने समझौते में शामिल शर्तों पर टिका हुआ है। रूस के ताजा बयान से यह स्पष्ट है कि तुर्की S-400 को लेकर कोई भी बड़ा फैसला अपनी तरफ से अकेले नहीं कर सकता।