सिद्धू मूसेवाला के पिता से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने बदला भाषण, पहली मुलाकात का सुनाया किस्सा

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार, 4 नवंबर को पंजाब के संगरूर में आयोजित ‘इंसाफ रैली’ में दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को याद किया। रैली से पहले राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने अपने पहले से तैयार भाषण में बदलाव किया और मंच से सिद्धू मूसेवाला के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा सुनाया।

राहुल गांधी ने बताया कि जब सिद्धू मूसेवाला पहली बार उनसे मिलने उनके कार्यालय आए थे, तब उन्हें उनके गानों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि सिद्धू के बारे में उन्हें बताया गया था कि वह अच्छे इंसान और प्रतिभाशाली गायक हैं। जब सिद्धू उनसे मिलने पहुंचे तो उनके शरीर पर टैटू बने हुए थे। राहुल गांधी ने कहा कि पहली मुलाकात में ही सिद्धू ने उन पर अच्छा प्रभाव छोड़ा था। इसके बाद उन्होंने सिद्धू को कांग्रेस में शामिल कराया।

राहुल गांधी ने आगे बताया कि उन्हें उसी समय महसूस हुआ था कि सिद्धू राजनीति की एक मुश्किल दुनिया में कदम रख रहे हैं। वह एक प्रतिभाशाली गायक थे और राजनीति के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे। राहुल ने कहा कि उनके मन में आया था कि सिद्धू की राजनीतिक रूप से मदद और सुरक्षा करनी चाहिए। हालांकि, उनका मतलब शारीरिक सुरक्षा से नहीं, बल्कि राजनीतिक सहयोग से था। उन्होंने यह भी बताया कि बाद में उन्होंने सिद्धू के गाने सुने, जिनमें उनका लोकप्रिय गाना ‘295’ भी शामिल है।

राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या का जिक्र करते हुए पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिद्धू जैसे प्रतिभाशाली युवा, जो अपने हुनर के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं और पंजाब के लिए काम करना चाहते हैं, उन्हें धमकाया जाता है। राहुल ने आरोप लगाया कि जिस सोच के चलते सिद्धू की हत्या हुई, वही सोच आज भी पंजाब में मौजूद है। उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध और गैंगस्टरवाद को लेकर भी आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधा।

गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या से एक दिन पहले पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा में कटौती की थी। सिद्धू मूसेवाला दिसंबर 2021 में कांग्रेस में शामिल हुए थे और 2022 के विधानसभा चुनाव में मानसा सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उनकी हत्या के बाद से ही परिवार न्याय की मांग कर रहा है।