पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बार फिर नियंत्रण रेखा यानी LoC को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर के साथ पुराने रास्ते खोलने की मांग उठी है। 27 सितंबर को मंडहोल गांव में Awami Action Committee की ओर से आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजकों के मुताबिक, करीब 25 हजार लोग प्रदर्शन में मौजूद थे। यह गांव LoC से लगभग सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताया गया है।
प्रदर्शन के दौरान Awami Action Committee के नेता सरदार अमान खान ने भीड़ से पूछा कि क्या LoC को खत्म किया जाना चाहिए। इसके बाद उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पुंछ और मेंढर क्षेत्रों की ओर जाने वाले रास्ते खोलने की मांग को लेकर भी समर्थन मांगा। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूद लोगों ने इन मांगों के समर्थन में प्रतिक्रिया दी।
प्रदर्शनकारियों की यह मांग ऐसे समय सामने आई है, जब PoK में कई महीनों से सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन चल रहा है। आंदोलन में बिजली और गेहूं की कीमतों, स्वास्थ्य सुविधाओं, रोजगार, भ्रष्टाचार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक अधिकारों समेत कई मुद्दे शामिल हैं। Joint Awami Action Committee पहले 38 सूत्रीय मांगों का चार्टर भी सामने रख चुकी है।
इस आंदोलन के दौरान LoC के दोनों ओर संपर्क और व्यापारिक रास्ते खोलने की मांग भी पहले सामने आती रही है। जून में प्रदर्शनकारियों के नेताओं ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और व्यापार के लिए पुराने मार्गों को खोलने की बात कही थी। कुछ नेताओं ने भारत की ओर जाने वाले रास्तों को मानवीय सहायता और नागरिक आवागमन के लिए खोलने की अपील भी की थी।
PoK में चल रहे आंदोलन का मूल मुद्दा केवल LoC नहीं है। प्रदर्शनकारी लंबे समय से स्थानीय शासन, आर्थिक संसाधनों पर अधिकार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। जून में प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों में लोगों की मौत भी हुई थी, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था।
मंडहोल का ताजा प्रदर्शन इस आंदोलन में LoC और भारत के जम्मू-कश्मीर के साथ संपर्क को लेकर उठी मांगों को फिर सामने लाता है। हालांकि, LoC की मौजूदा स्थिति में किसी बदलाव या नए मार्गों को खोलने का कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।





