PoK में भारत के साथ जुड़ने की आवाज तेज, पाकिस्तान के सामने बढ़ी चुनौती

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ असंतोष लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। अलग-अलग इलाकों में स्थानीय लोगों की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों में महंगाई, बिजली, खाद्य आपूर्ति, रोजगार, राजनीतिक अधिकार और प्रशासन में स्थानीय लोगों की भागीदारी जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। कई जगहों पर पाकिस्तान से आजादी और भारत के साथ जुड़ने की आवाज भी सुनाई दी है।

PoK में चल रहे आंदोलनों में Joint Awami Action Committee की भूमिका प्रमुख रही है। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार के साथ-साथ सेना की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। कुछ प्रदर्शनों में पाकिस्तानी सेना को क्षेत्र से हटाने की मांग भी सामने आई है। वहीं, कई प्रदर्शनकारियों ने भारत के साथ व्यापार और जरूरी सामान की आवाजाही के लिए LoC खोलने की मांग की है। इससे पाकिस्तान के कब्जे वाले इस क्षेत्र में बढ़ते असंतोष का अंदाजा लगाया जा सकता है।

इसी बीच LoC को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान की ओर से LoC पर संभावित गतिविधियों और किसी तरह की कार्रवाई की आशंका जताई गई है। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से LoC पार करने या किसी बड़े सैन्य अभियान की तैयारी की कोई स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को अभी सावधानी के साथ देखना जरूरी है।

भारत लंबे समय से PoK को जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बताता रहा है। भारत का स्पष्ट रुख है कि पाकिस्तान को उसके कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करना चाहिए। ऐसे में PoK के अंदर पाकिस्तान विरोधी आवाजों का तेज होना इस्लामाबाद के लिए राजनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर चुनौती बन सकता है।

फिलहाल PoK में बढ़ता असंतोष और LoC पर सुरक्षा स्थिति दोनों ही भारत-पाकिस्तान संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि पाकिस्तान PoK में उठ रही आवाजों को किस तरह संभालता है और LoC पर तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।