भारत की महिला पहलवान मनीषा भनवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया है। उन्होंने 59 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर यह उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही मनीषा सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गई हैं। उन्होंने 30 अक्टूबर को कजाकिस्तान के अस्ताना में खेले गए फाइनल मुकाबले में अमेरिका की पहलवान एबिगेल एलिजाबेथ नेट को 8-6 से हराया।
फाइनल मुकाबले में मनीषा की शुरुआत अच्छी नहीं रही। एक समय वह अमेरिकी पहलवान से 0-6 से पीछे चल रही थीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए लगातार अंक हासिल किए। आखिर में उन्होंने 8-6 से मुकाबला जीतकर देश को ऐतिहासिक गोल्ड मेडल दिलाया।
हरियाणा के रोहतक की रहने वाली 29 वर्षीय मनीषा का यह सफर काफी मेहनत और संघर्ष से भरा रहा है। फाइनल तक पहुंचने के लिए उन्होंने कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड और मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखू को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की अल्टिन शागायेवा को 10-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
मनीषा की इस जीत के साथ भारत ने महिला विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया। इस प्रतियोगिता में नीलम सिरोही ने 50 किलोग्राम और काजल ढोचक ने 76 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता, जबकि तनु शर्मा ने 72 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
मनीषा की यह जीत भारतीय खेल इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है। वह विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली महिला और सीनियर विश्व चैंपियन बनने वाली दूसरी भारतीय पहलवान हैं। उनसे पहले सुशील कुमार ने 2010 में पुरुषों के 66 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था।




