जन शिकायतों के निस्तारण में कासगंज पुलिस प्रदेश में नंबर वन, 125 में से मिले पूरे 125 अंक

उत्तर प्रदेश में जन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के मामले में कासगंज पुलिस ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) की अक्टूबर 2026 की रैंकिंग में कासगंज पुलिस को पूरे प्रदेश में पहला स्थान मिला है। जिले की पुलिस ने कुल 125 में से 125 अंक हासिल कर शत-प्रतिशत स्कोर प्राप्त किया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप शिकायतों का समय पर समाधान करने और पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने के प्रयासों को दर्शाती है।

यह सफलता पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह के पर्यवेक्षण में हासिल हुई है। जिले के सभी थाना प्रभारियों, क्षेत्राधिकारियों (सीओ) और आईजीआरएस सेल ने मिलकर शिकायतों के निस्तारण के लिए काम किया। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल और टीम वर्क के चलते कासगंज पुलिस प्रदेश की रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंची।

पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार प्रत्येक शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से सुनना और उसका समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े, इसके लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। शिकायत मिलने के बाद उसके निस्तारण की प्रक्रिया पर ध्यान देना और पीड़ित को उचित समाधान देना जरूरी है।

एसपी ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के सभी थाना प्रभारियों, सीओ, आईजीआरएस सेल और अन्य पुलिसकर्मियों के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि आगे भी इसी तरह शिकायतों का निस्तारण किया जाए और हर शिकायतकर्ता की बात को गंभीरता से सुना जाए।

कासगंज पुलिस को मिली यह रैंकिंग जिले में शिकायत निवारण व्यवस्था के बेहतर प्रदर्शन को दिखाती है। आईजीआरएस के माध्यम से आम लोग अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं और संबंधित विभागों से उनके समाधान की अपेक्षा करते हैं। ऐसे में 125 में से पूरे 125 अंक हासिल करना जिले की पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि पीड़ित को न्याय दिलाना ही पुलिस का मुख्य लक्ष्य है और इस दिशा में आगे भी पूरी गंभीरता से काम किया जाएगा।