CRPF का ऐतिहासिक मील का पत्थर: महिला जवानों के 40 साल के गौरवशाली सफर का मनेगा भव्य उत्सव

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF की महिला जवानों के लिए साल 2026 एक खास पड़ाव लेकर आया है। CRPF में महिलाओं की सेवा के 40 साल पूरे होने के अवसर पर उनके योगदान और गौरवशाली सफर को याद किया जाएगा। वर्ष 1986 में CRPF ने देश की पहली महिला बटालियन का गठन कर अर्धसैनिक बलों में महिलाओं की भागीदारी की नई शुरुआत की थी।

इन चार दशकों में CRPF की महिला जवानों ने कानून-व्यवस्था संभालने से लेकर चुनाव ड्यूटी, दंगा नियंत्रण, आतंकवाद और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों तक कई जिम्मेदारियां निभाई हैं। CRPF के अनुसार, महिला कर्मियों की तैनाती जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, अयोध्या और गुवाहाटी जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी की गई है।

महिला जवानों की भूमिका देश की सीमाओं तक भी सीमित नहीं रही। 1987 में पहली महिला बटालियन की पासिंग आउट के बाद CRPF की एक महिला कंपनी श्रीलंका में भारतीय शांति सेना के साथ गई थी। इसके बाद लाइबेरिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत CRPF की महिला फॉर्म्ड पुलिस यूनिट की तैनाती भी हुई, जिसे संयुक्त राष्ट्र के स्तर पर एक ऐतिहासिक कदम माना गया।

आज CRPF के संगठन में छह महिला बटालियन शामिल हैं। बल की महिला कर्मियों ने समय के साथ अपनी जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र का विस्तार किया है। सरकार ने भी CAPF में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भर्ती, अलग आवास, क्रेच, डे-केयर सेंटर और महिला-केंद्रित सुविधाओं जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया है।

महिला जवानों के 40 साल का यह सफर केवल एक संख्या नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और उनके साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की कहानी है। इस ऐतिहासिक सफर का उत्सव उन महिला कर्मियों के योगदान को सम्मान देने का अवसर होगा, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाते हुए CRPF की सेवा परंपरा को मजबूत किया है।