नई दिल्ली: तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए Jamia Millia Islamia ने बीटेक (रोबोटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) नामक नया पाठ्यक्रम शुरू किया है। इस कोर्स का उद्देश्य ऐसे इंजीनियर तैयार करना है जो भविष्य की तकनीकों में दक्ष हों और उद्योगों की बदलती जरूरतों को पूरा कर सकें।
जामिया द्वारा शुरू किया गया यह चार वर्षीय पूर्णकालिक बीटेक कार्यक्रम छात्रों को रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और स्मार्ट सिस्टम्स जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करेगा। यह कोर्स विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अंतर्गत संचालित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI और रोबोटिक्स का उपयोग स्वास्थ्य, विनिर्माण, परिवहन, रक्षा, कृषि और शिक्षा जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में बढ़ेगा। ऐसे में इस क्षेत्र में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग भी तेजी से बढ़ने वाली है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह नया कार्यक्रम तैयार किया गया है।
कोर्स के दौरान छात्रों को रोबोट डिजाइन, सेंसर तकनीक, कंप्यूटर विजन, डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म और स्वचालित प्रणालियों से संबंधित विषय पढ़ाए जाएंगे। साथ ही उन्हें उद्योग आधारित परियोजनाओं और प्रयोगशाला कार्यों के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाएगा।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 30 नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं, जिनमें बीटेक (रोबोटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सबसे चर्चित कार्यक्रमों में से एक है। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है और छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI और रोबोटिक्स आने वाले दशक में रोजगार और नवाचार के सबसे बड़े क्षेत्रों में शामिल होंगे। ऐसे में जामिया का यह नया कोर्स छात्रों को आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मदद करेगा।
तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल न केवल छात्रों के लिए नए अवसर खोलेगी, बल्कि भारत को उभरती हुई तकनीकों के क्षेत्र में मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।



