बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता रोको’ के नारे के साथ विरोध मार्च निकाला। इस कार्यक्रम के जरिए संगठन ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और नागरिक अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया। प्रदर्शन के दौरान ‘एक कचौड़ी दो समोसा, हमें लोकतंत्र पर है भरोसा’ जैसे नारे भी चर्चा में रहे।
यह मार्च पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से शुरू होकर इनकम टैक्स चौराहे तक निकाला गया। इसमें बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों से आए छात्र, युवा और ABVP के कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के अध्यक्ष यश डबास ने भी हिस्सा लिया। उनकी मौजूदगी को छात्र आंदोलन में युवाओं की भागीदारी और समर्थन के तौर पर देखा गया।
ABVP का कहना है कि लोकतंत्र केवल सरकार चलाने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह संविधान, नागरिक अधिकारों और स्वतंत्र संस्थाओं के सम्मान पर आधारित है। संगठन के मुताबिक, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और उनकी गरिमा बनाए रखना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह जनसभा और विरोध मार्च आयोजित किया गया।
ABVP बिहार के प्रदेश मंत्री सुमित कुमार सिंह ने कहा कि जब लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर सवाल उठते हैं, तब युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे आगे आकर अपनी आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि विरोध दर्ज कराने का तरीका शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होना चाहिए। संगठन ने युवाओं और आम नागरिकों से भी लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरूक रहने की अपील की।
इस प्रदर्शन के जरिए ABVP ने संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने का संदेश देने की कोशिश की। संगठन का कहना है कि देश के युवाओं को लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और अपनी बात संवैधानिक तरीके से रखनी चाहिए।




