NEET UG 2026 री-एग्जाम में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2 हासिल करने वाले प्रणशुल (पंशुल) बंसल का एक बयान इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। जब उनसे NEET परीक्षा को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने धरने में शामिल होने के बजाय अपना समय पढ़ाई में लगाना बेहतर समझा। उनका मानना है कि मेहनत, निरंतर अभ्यास और शिक्षा ही भविष्य बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
प्रणशुल बंसल ने री-एग्जाम में 720 में से 715 अंक प्राप्त किए और टाई-ब्रेकर नियम के कारण उन्हें AIR-2 मिला। इससे पहले वे JEE Main में भी 99.5 पर्सेंटाइल हासिल कर चुके हैं। उनकी सफलता का आधार लगातार पढ़ाई, NCERT पर मजबूत पकड़ और नियमित मॉक टेस्ट को माना जा रहा है।
मीडिया से बातचीत में प्रणशुल ने कहा कि वे विवादों और आंदोलनों पर टिप्पणी करने के बजाय अपनी तैयारी पर ध्यान देना चाहते थे। उनका कहना था कि यदि छात्र अपना समय और ऊर्जा पढ़ाई में लगाएं, तो वे अपने लक्ष्य को बेहतर ढंग से हासिल कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने आंदोलन के पक्ष या विपक्ष में कोई विस्तृत टिप्पणी करने से भी परहेज किया।
प्रणशुल के इस बयान पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने उनके फोकस और अनुशासन की सराहना की, जबकि कुछ ने इसे उन छात्रों की भावनाओं से अलग बताया जो परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि अलग-अलग छात्रों की परिस्थितियां और सोच अलग हो सकती है। कोई अपनी बात आंदोलन के माध्यम से रखता है, तो कोई अपनी मेहनत और पढ़ाई को प्राथमिकता देता है। प्रणशुल बंसल का संदेश यही है कि शिक्षा और निरंतर परिश्रम जीवन में आगे बढ़ने का सबसे मजबूत रास्ता है।




