अभिजीत दीपके को बताया ‘विष्णु का अवतार’, उद्धव ठाकरे के बयान से सियासत गरम

मुंबई: CJP आंदोलन और युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख Uddhav Thackeray के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके और आंदोलन से जुड़े युवाओं की सराहना करते हुए उन्हें “भगवान विष्णु का अवतार” बताया। उनके इस बयान के बाद पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं


उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा कि देशभर के युवाओं ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग भय और दबाव के बावजूद अपने अधिकारों के लिए खड़े होते हैं, वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने आंदोलन से जुड़े लोगों की तुलना “विष्णु के अवतार” से


उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। भाजपा और महायुति के कई नेताओं ने इस टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक संदर्भ में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। कुछ नेताओं ने इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए आपत्ति भी जताई।

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) और आंदोलन का समर्थन करने वाले नेताओं का कहना है कि उद्धव ठाकरे का आशय किसी धार्मिक तुलना से अधिक युवाओं के साहस और संघर्ष की प्रशंसा करना था। उनके समर्थकों का दावा है कि इस बयान को राजनीतिक विवाद का रूप दिया जा रहा है, जबकि इसका उद्देश्य आंदोलनकारियों का मनोबल बढ़ाना था।

CJP आंदोलन पिछले कुछ समय से विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा में है और इसे कई विपक्षी दलों का समर्थन भी मिला है। आंदोलन के दौरान अनेक राजनीतिक नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। इसी क्रम में उद्धव ठाकरे भी आंदोलन के पक्ष में लगातार बयान देते रहे हैं।


फिलहाल उद्धव ठाकरे के “विष्णु का अवतार” वाले बयान पर राजनीतिक बहस जारी है। जहां समर्थक इसे युवाओं के संघर्ष का सम्मान बता रहे हैं, वहीं विरोधी दल इसे अनुचित और धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा महाराष्ट्र सहित राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है।