अपने ही कस्टमर से मुकाबला करना अच्छी रणनीति नहीं, एयरलाइन सेक्टर में नहीं उतरेगा अदाणी ग्रुप

अदाणी ग्रुप ने एयरलाइन कारोबार में उतरने की खबरों पर स्थिति साफ कर दी है। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के सीईओ अरुण बंसल ने कहा है कि कंपनी की फिलहाल अपनी एयरलाइन शुरू करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि अपने ही ग्राहकों के साथ मुकाबला करना अच्छी कारोबारी रणनीति नहीं है, क्योंकि एयरलाइन कंपनियां अदाणी एयरपोर्ट्स की ग्राहक हैं।

अरुण बंसल ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2026’ सम्मेलन के दौरान यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स और अदाणी ग्रुप को अलग-अलग समझा जाना चाहिए। इससे पहले भी अदाणी ग्रुप ने एयरलाइन शुरू करने की खबरों को गलत बताया था।

फिलहाल अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के पास देश के आठ हवाई अड्डे हैं। इनमें मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और मंगलुरु शामिल हैं। कंपनी के एयरपोर्ट्स से हर साल करीब 10 करोड़ यात्री सफर करते हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में इस संख्या को बढ़ाकर 30 करोड़ तक पहुंचाना है।

बंसल ने बताया कि कंपनी अगले सात वर्षों में एयरपोर्ट के विकास और विस्तार पर 10 से 11 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही कंपनी देश में हवाई अड्डों के निजीकरण की अगली प्रक्रिया में भी हिस्सा लेगी। मुंबई एयरपोर्ट पर विमानों के संचालन की क्षमता बढ़ाने का काम चल रहा है। वहीं, मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का नवीनीकरण 2030 की शुरुआत तक पूरा होने की उम्मीद है।

इस तरह अदाणी ग्रुप का ध्यान फिलहाल एयरलाइन शुरू करने के बजाय एयरपोर्ट के विकास, सुविधाओं के विस्तार और यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने पर है। कंपनी का मानना है कि एयरलाइन कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के बजाय उन्हें बेहतर हवाई अड्डे और सुविधाएं उपलब्ध कराना ज्यादा फायदेमंद होगा।