राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध धमाके से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह घटना मंगलवार, 3 नवंबर की रात अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर रामसिंहपुर क्षेत्र के 50 जीबी गांव के पास हुई। धमाके से रेलवे ट्रैक को सहारा देने वाले दो सीमेंट के खंभे और कुछ स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। धमाके की आवाज आसपास के गांवों तक सुनाई दी, जिसके बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, रात करीब 9 बजे अनूपगढ़ से सूरतगढ़ जा रही यात्री ट्रेन इस जगह से गुजर चुकी थी। इसके लगभग 45 मिनट बाद रात करीब 9:45 बजे धमाका हुआ। इस वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। शुरुआती जांच में रेलवे ट्रैक के नीचे करीब दो फीट गहरा गड्ढा होने की बात भी सामने आई है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के लिए एटीएस, सीआईडी, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते को भी लगाया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलखंड पर ट्रेन संचालन कुछ समय के लिए रोक दिया गया। जांच और ट्रैक की सुरक्षा को देखते हुए दो यात्री ट्रेनों को भी रद्द किया गया।
इस घटना के बाद सीमा क्षेत्र में हाल ही में 7.5 किलो आरडीएक्स बरामद होने की खबरों को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने साफ किया है कि फिलहाल रेलवे ट्रैक की घटना का बरामद आरडीएक्स से कोई संबंध सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक जांच के बाद ही धमाके की असली वजह पता चल सकेगी। अभी इसे लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
घटना के बाद ISI की साजिश और सीमा पार से किसी आतंकी गतिविधि की आशंका को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन अब तक किसी जांच एजेंसी ने इसमें ISI की भूमिका की पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि रेलवे ट्रैक को नुकसान कैसे पहुंचा और क्या इसके पीछे जानबूझकर की गई कोई साजिश थी। फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों की नजर रेलवे ट्रैक की सुरक्षा पर बनी हुई है।





