भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल होने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बुधवार को गोरखपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता जनसभा में शामिल होने के लिए महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज पहुंचे। इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधने की तैयारी की है।
यह पदयात्रा कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए निकाली जा रही है। गोरखपुर में नितिन नवीन के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी पदयात्रा का नेतृत्व करने वाले हैं। पदयात्रा महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू होकर गोलघर स्थित काली मंदिर के पास सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक जाएगी। यहां प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
वहीं, पदयात्रा से पहले कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। इनमें पूर्व जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान, एआईसीसी सदस्य स्नेहलता गौतम, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज यादव, प्रदेश सचिव अंकित पाण्डेय, विख्यात भट्ट और एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष ऋषि यादव शामिल हैं।
वहीं, पदयात्रा से पहले कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। इनमें पूर्व जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान, एआईसीसी सदस्य स्नेहलता गौतम, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज यादव, प्रदेश सचिव अंकित पाण्डेय, विख्यात भट्ट और एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष ऋषि यादव शामिल हैं।
कांग्रेस नेता निर्मला पासवान ने भाजपा की पदयात्रा को दिखावा बताते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने वोट चोरी के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं, स्नेहलता गौतम ने कहा कि चुनाव और संविधान से जुड़े सवालों को पदयात्राओं के जरिए दबाया नहीं जा सकता।
नितिन नवीन का यह दौरा दो दिनों का है। पदयात्रा के अलावा वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ कई बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों को उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस तरह भाजपा की पदयात्रा के बीच गोरखपुर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।





