मधुबनी गोलीकांड: फरार ASI पर 25 हजार रुपये का इनाम, गिरफ्तारी के लिए 5 टीमें गठित

बिहार के मधुबनी जिले में पुलिसकर्मी की फायरिंग से एक ग्रामीण की मौत और तीन लोगों के घायल होने का मामला सामने आया है। यह घटना बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव की है। यहां सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) ने कथित तौर पर ग्रामीणों पर अपनी सर्विस पिस्टल से गोलियां चला दीं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और लोगों में भारी नाराजगी है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी ASI की पहचान चंद्रमोहन सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब एक बजे ग्रामीणों ने उसे गांव के एक घर में घेर लिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि ASI का उस घर में आना-जाना था और उसे महिला के घर में संदिग्ध परिस्थितियों में देखा गया था। खुद को ग्रामीणों से घिरा देखकर ASI ने अपनी सर्विस पिस्टल से करीब चार राउंड फायरिंग कर दी।

इस गोलीबारी में अशोक यादव, धनिकलाल यादव, फूलो देवी और विजेंद्र यादव घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान अशोक यादव की मौत हो गई। बाकी तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आरोपी ASI चंद्रमोहन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई भी शुरू की गई है। मधुबनी पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। उसकी तलाश के लिए पांच विशेष पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

इस घटना के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिसकर्मी ने ग्रामीणों पर गोलियां क्यों चलाईं। पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।