उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिवाली से पहले राज्य के 2.72 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने विभिन्न सरकारी विभागों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए मानदेय की नई दरें तय कर दी हैं। इस फैसले के तहत कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों के मानदेय में करीब डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 2 सितंबर 2026 से लागू मानी जाएंगी।
सरकार ने कर्मचारियों को चार श्रेणियों में बांटकर नया मासिक मानदेय तय किया है। श्रेणी-1 के कर्मचारियों के लिए 39,000 रुपये, श्रेणी-2 के लिए 21,947 रुपये, श्रेणी-3 के लिए 19,446 रुपये और श्रेणी-4 के लिए 17,646 रुपये मासिक मानदेय निर्धारित किया गया है। ईपीएफ और ईएसआई की कटौती के बाद कर्मचारियों के हाथ में आने वाली राशि इससे कम होगी।
इस फैसले के तहत कर्मचारियों को सितंबर महीने का बकाया भी मिलेगा। नवंबर में अक्टूबर के मानदेय के साथ सितंबर का एरियर दिया जाएगा। वहीं, जिन कर्मचारियों को पहले से तय नई दरों से ज्यादा मानदेय मिल रहा है, उनके भुगतान में कोई कटौती नहीं की जाएगी।
सरकार ने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने के लिए ईपीएफ और ईएसआई में नियोक्ता का हिस्सा जमा करने की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों को दी है। इसके अलावा 18 प्रतिशत जीएसटी, सर्विस चार्ज और अन्य निर्धारित खर्च भी विभागों की ओर से उठाए जाएंगे।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए इसे दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी माना जा रहा है।





