पश्चिम बंगाल के चर्चित बारुईपुर रेप और मर्डर केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल प्रभास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने घटनास्थल के पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन) के दौरान भागने की कोशिश की, जिसके बाद यह मुठभेड़ हुई।
पुलिस के अनुसार, प्रभास मंडल को जांच के सिलसिले में घटनास्थल पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और मौके से फरार होने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने फायरिंग भी की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई। गोली लगने के बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह मामला 11 वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। घटना के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
हालांकि, आरोपी की मुठभेड़ में मौत के बाद विवाद भी शुरू हो गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आरोपी को पीछे से गोली लगने की बात सामने आने के बाद विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों ने मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विवाद को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने इस मुठभेड़ की सीआईडी जांच और न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाएगा कि पूरी घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या पुलिस ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया।
फिलहाल, बारुईपुर रेप और मर्डर केस की जांच जारी है। इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी आगे बढ़ रही है, जबकि मुठभेड़ से जुड़े पूरे घटनाक्रम की सच्चाई अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी।




