श्रावण मास में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई नए नियम और दिशा-निर्देश लागू किए हैं। इनका उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है।
प्रशासन के अनुसार, यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और ड्रोन के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही प्रमुख मार्गों पर यातायात का विशेष प्रबंधन किया जाएगा ताकि आम लोगों और कांवड़ियों दोनों को कम से कम परेशानी हो।
यात्रा के दौरान डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, वाहनों की गति, निर्धारित मार्गों का पालन तथा स्वच्छता बनाए रखने से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और पेयजल की व्यवस्था भी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध संबंधित कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।




