हरियाणा में बारिश बनी आफत, कई जिलों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

हरियाणा में लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में मुख्य सड़कें पानी में डूब गईं, जबकि निचले क्षेत्रों में घरों और दुकानों तक बारिश का पानी पहुंच गया। लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

राजधानी चंडीगढ़ से सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, पानीपत, अंबाला, रोहतक, सोनीपत, यमुनानगर, हिसार और कुरुक्षेत्र समेत कई जिलों में तेज बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आई। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। पानी भरने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। कई वाहन पानी में बंद हो गए, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई। कई कॉलोनियों और प्रमुख मार्गों पर बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहा। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने जल निकासी की व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर सवाल भी उठाए।

लगातार बारिश का असर ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। खेतों में पानी भर जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो जलभराव के कारण फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।

मौसम विभाग ने हरियाणा के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें कई स्थानों पर जल निकासी का कार्य कर रही हैं। पंपों के माध्यम से सड़कों और कॉलोनियों में भरे पानी को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि हर साल मानसून के दौरान जलभराव की समस्या सामने आने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाने से लोगों को बार-बार मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। तेजी से हो रहे शहरीकरण, नालों पर अतिक्रमण और जल निकासी प्रणाली की कमी को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है। ऐसे में शहरों की ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करना और समय पर नालों की सफाई कराना बेहद जरूरी हो गया है।

फिलहाल राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें, बिजली के खंभों और खुले तारों के संपर्क में आने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग को सूचना दें।