नई दिल्ली/मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राम मंदिर से जुड़े हालिया विवाद के बीच तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “राम मंदिर किसी की जागीर नहीं है।
” उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर जुटाए गए चंदे और मंदिर प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब जनता को मिलना चाहिए।राउत ने कहा कि भगवान राम पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं और किसी राजनीतिक दल या संगठन का उन पर एकाधिकार नहीं हो सकता।
उनके अनुसार, राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए उससे जुड़े हर मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।उन्होंने हाल में सामने आए कथित चंदा घोटाले के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
संजय राउत के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। एक ओर विपक्ष मंदिर ट्रस्ट और सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सत्तापक्ष इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बता रहा है।हालांकि, राम मंदिर से जुड़े आरोपों की जांच और उनके निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।




