कानपुर साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मैट्रिमोनी वेबसाइटों के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी मैट्रिमोनी प्रोफाइल बनाकर शादी के इच्छुक लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और फिर विश्वास जीतकर उनसे लाखों रुपये की ठगी करते थे। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरोह कई महीनों से सक्रिय था और देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों को निशाना बना रहा था। आरोपी खुद को डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी अधिकारी, सेना के अधिकारी या एनआरआई बताकर फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे। इन प्रोफाइलों में आकर्षक तस्वीरें और झूठी जानकारी डालकर लोगों का भरोसा जीता जाता था। इसके बाद सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत शुरू कर रिश्ते को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, जब पीड़ित पूरी तरह आरोपियों के झांसे में आ जाता था, तब उससे अलग-अलग बहानों से पैसे मांगे जाते थे। कभी शादी का रजिस्ट्रेशन, कभी विदेश से गिफ्ट भेजने का शुल्क, तो कभी मेडिकल इमरजेंसी या कस्टम क्लियरेंस के नाम पर रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। कई पीड़ितों से लाखों रुपये अलग-अलग किस्तों में ऐंठ लिए गए। पैसे मिलने के बाद आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर देते थे और बैंक खाते खाली कर फरार हो जाते थे।
जांच एजेंसियों ने बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन का पता लगाया है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। इसी कारण अन्य राज्यों की पुलिस और साइबर एजेंसियों से भी संपर्क कर जानकारी साझा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनी प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा न करें और न ही किसी अनजान व्यक्ति के खाते में पैसे भेजें। यदि कोई रिश्ता तय होने से पहले बार-बार आर्थिक मदद मांगता है, तो उसे संदेह की नजर से देखना चाहिए।
कानपुर साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के साथ इस प्रकार की ऑनलाइन ठगी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट करें। पुलिस का कहना है कि समय रहते शिकायत मिलने पर ठगी गई रकम को रोकने और आरोपियों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और पुलिस इस साइबर गिरोह से जुड़े हर सदस्य तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।




