पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक 11 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया, लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है, जबकि पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, बच्ची शनिवार को घर से निकली थी और देर रात तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन अगले दिन उसका शव एक बोरे में बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई गई है। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही अपराध की सभी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया, कई स्थानों पर टायर जलाए गए और कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की गई। विरोध के दौरान एक युवक पर इस अपराध में शामिल होने का आरोप लगाते हुए भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या, भीड़ हिंसा और पुलिस पर हमले सहित अलग-अलग मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
राज्य सरकार ने मामले की जांच तेज करने के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।इस घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। विभिन्न दलों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है। वहीं राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है और कहा है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।बारुईपुर की यह घटना एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए सख्त कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, तेज़ जांच और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई फोरेंसिक एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।




