बिहार में टोल टैक्स: किन वाहनों से कितना शुल्क, क्या है सरकार की योजना?

बिहार सरकार ने राज्य के कुछ राजमार्गों और पुलों पर टोल वसूली की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इस फैसले का उद्देश्य सड़कों के रखरखाव, नई आधारभूत संरचना के निर्माण और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाना बताया जा रहा है।प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग श्रेणी के वाहनों से अलग-अलग टोल शुल्क लिया जा सकता है।

शुरुआती जानकारी के अनुसार कार, जीप और वैन के लिए लगभग ₹50 से ₹100, हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए ₹80 से ₹150, बसों के लिए ₹150 से ₹300, दो-एक्सल ट्रकों के लिए ₹200 से ₹400 और मल्टी-एक्सल ट्रकों के लिए ₹300 से ₹600 तक शुल्क निर्धारित किया जा सकता है। हालांकि, अंतिम दरें संबंधित सड़क या टोल प्लाजा की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही लागू होंगी।सरकार का कहना है कि टोल से मिलने वाली आय का उपयोग सड़क मरम्मत, रखरखाव और नई परियोजनाओं में किया जाएगा। वहीं, विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने आशंका जताई है कि इससे आम लोगों और व्यापारिक परिवहन की लागत बढ़ सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टोल व्यवस्था पारदर्शी हो और सड़क सुविधाओं में वास्तविक सुधार दिखाई दे, तो यह राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में सहायक हो सकती है। दूसरी ओर, यदि शुल्क अधिक रखा गया या सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो जनता की नाराज़गी बढ़ सकती है।फिलहाल वाहन चालकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने मार्ग से संबंधित आधिकारिक टोल दरों और अधिसूचनाओं पर नज़र रखें, क्योंकि अलग-अलग परियोजनाओं के लिए अलग-अलग शुल्क लागू हो सकते हैं।