पंजाब की राजनीति में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के हालिया बयान के बाद पार्टी के अंदर उनकी स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अमरिंदर सिंह ने कहा था कि पंजाब को लेकर उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और राय को बीजेपी में वह महत्व नहीं मिल रहा, जिसकी उन्हें उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वह करीब छह दशक से पंजाब की राजनीति को करीब से देखते आए हैं और पार्टी को उनके अनुभव का फायदा उठाना चाहिए।
अमरिंदर सिंह के इस बयान के बाद अब पंजाब बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ उनके समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। जाखड़ ने अमरिंदर सिंह को लेकर कहा कि वह उनके फैन हैं और उनका राजनीतिक कद काफी बड़ा है। उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह को किसी से अपनी राजनीतिक पहचान या कद साबित करने के लिए किसी प्रमाण की जरूरत नहीं है। जाखड़ ने उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और पंजाब की राजनीति में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
अमरिंदर सिंह ने 2021 में कांग्रेस से अलग होकर पंजाब लोक कांग्रेस का गठन किया था। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। चुनाव के बाद पंजाब लोक कांग्रेस का बीजेपी में विलय हो गया और अमरिंदर सिंह बीजेपी का हिस्सा बन गए। इसके बाद से वह पार्टी में पंजाब से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं।
हाल ही में अमरिंदर सिंह के बयान के बाद उनके कांग्रेस में वापस जाने की अटकलें भी सामने आईं। हालांकि, उन्होंने बीजेपी छोड़ने की बात नहीं कही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब के मुद्दों पर अपनी राय रखना उनकी जिम्मेदारी है। वहीं, कांग्रेस में वापसी की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस उन्हें वापस लेगी।
सुनील जाखड़ के समर्थन के बाद यह मामला पंजाब बीजेपी की राजनीति में और चर्चा का विषय बन गया है। जाखड़ ने जिस तरह अमरिंदर सिंह के राजनीतिक कद और अनुभव की खुलकर तारीफ की है, उससे दोनों नेताओं के बीच पुराने राजनीतिक संबंधों की भी चर्चा हो रही है। आने वाले समय में अमरिंदर सिंह की भूमिका और पंजाब बीजेपी में उनकी सक्रियता पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।





