यूपीआईटीएस: दुनिया के सामने है योगी सरकार का रिपोर्ट कार्ड, निवेश से लेकर निर्यात तक दिखी यूपी की ताकत

ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) एक बार फिर उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और कारोबारी क्षमता को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच बना है। इस आयोजन में देश-विदेश के कारोबारी, निवेशक, खरीदार, उद्यमी, कारीगर और स्टार्टअप हिस्सा ले रहे हैं। सरकार के लिए यह आयोजन उत्तर प्रदेश में निवेश, रोजगार, निर्यात और कारोबार के बढ़ते अवसरों को दिखाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

UPITS 2026 में 2,400 से ज्यादा प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। कई देशों के प्रतिनिधि और विदेशी खरीदार भी यहां पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश से अब 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का सामान निर्यात हो रहा है। जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस जैसे देशों की भागीदारी से ट्रेड शो का अंतरराष्ट्रीय दायरा भी बढ़ा है।

इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को खास जगह दी गई है। सरकार के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) अभियान के तहत अलग-अलग जिलों की पहचान बने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर है। भदोही के कालीन, फिरोजाबाद के कांच के उत्पाद, वाराणसी की साड़ियां और मुरादाबाद के पीतल के सामान जैसे उत्पाद विदेशी खरीदारों के सामने पेश किए जा रहे हैं। इससे छोटे कारोबारियों, कारीगरों और MSME सेक्टर को नए बाजार मिलने की उम्मीद है।

पिछले संस्करण में भी बड़ी संख्या में कारोबारी समझौते और बिजनेस इंक्वायरी सामने आई थीं। इस बार आयोजन का दायरा और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पहले से ज्यादा बढ़ाई गई है। सरकार निवेशकों को उत्तर प्रदेश की बेहतर कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक क्षेत्रों और कारोबारी सुविधाओं की जानकारी भी दे रही है।

UPITS को योगी सरकार की आर्थिक नीतियों और उत्तर प्रदेश में बदलते कारोबारी माहौल को दिखाने वाले मंच के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, किसी भी निवेश सम्मेलन की वास्तविक सफलता इस बात से तय होती है कि कितने प्रस्ताव जमीन पर परियोजनाओं में बदलते हैं और उनसे कितने रोजगार व आर्थिक अवसर पैदा होते हैं। ऐसे में UPITS के जरिए पेश किए जा रहे आंकड़ों और घोषणाओं का असर आने वाले समय में निवेश, उत्पादन और रोजगार के स्तर पर दिखाई देगा।