जनगणना हम सबका राष्ट्रीय दायित्व, पीएम मोदी ने देशवासियों से की खास अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश में चल रही जनगणना को लेकर लोगों से खास अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में अब तक 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने लोगों से अपनी और अपने परिवार की सही जानकारी दर्ज कराने की अपील की, ताकि देश की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।

पीएम मोदी ने बताया कि इस बार जनगणना डिजिटल तरीके से की जा रही है। लोगों को अपने मोबाइल के जरिए खुद अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी गई है। यह सुविधा हिंदी समेत 16 भाषाओं में उपलब्ध है। सरकार के मुताबिक, जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना है और इसमें लोगों को Self-Enumeration यानी खुद जानकारी दर्ज करने का विकल्प दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने देश के दुर्गम और बर्फीले इलाकों में भी चल रहे जनगणना कार्य का जिक्र किया। उन्होंने लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के इलाकों में काम कर रहे कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उत्तराखंड के माणा गांव और बगोरी गांव का भी उदाहरण दिया, जहां लोगों ने जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल माध्यम से हिस्सा लिया।

वहीं, देश में चुनावी वोटर लिस्ट की Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अपडेट करना है, ताकि पात्र मतदाता छूटे नहीं और अपात्र या डुप्लीकेट नाम शामिल न रहें। आयोग ने दावा किया है कि प्रक्रिया में दावे-आपत्तियां, जांच और अपील जैसी व्यवस्थाएं भी मौजूद हैं।

पीएम मोदी ने जनगणना को लेकर लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर परिवार की सही जानकारी देश के भविष्य की बेहतर योजना बनाने में मदद करेगी। जनगणना से मिलने वाले आंकड़ों का इस्तेमाल जनसंख्या, आवास, शिक्षा, रोजगार, सुविधाओं और दूसरी नीतियों की योजना बनाने में किया जाता है। सरकार के अनुसार, 2027 की जनगणना में जातिगत आंकड़े भी दर्ज किए जाएंगे।