UNGA में नेतन्याहू ने सैन्य कार्रवाई का बचाव किया, ईरान और हमास के खिलाफ अभियान को बताया जरूरी

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों का जोरदार बचाव किया। 24 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में दिए भाषण में उन्होंने ईरान और हमास के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई को देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया और कहा कि इजरायल अपने अस्तित्व और सुरक्षा की रक्षा के लिए कार्रवाई जारी रखेगा।

नेतन्याहू ने खास तौर पर ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाने का फैसला कठिन था, लेकिन उनके अनुसार इजरायल की सुरक्षा के लिए यह जरूरी कदम था। उन्होंने दावा किया कि अगर इजरायल ने कार्रवाई नहीं की होती तो इजरायल और दूसरे देशों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। यह नेतन्याहू का आकलन और उनके सैन्य अभियान का बचाव है।

गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई को लेकर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों को भी नेतन्याहू ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि इजरायल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उनके अनुसार इजरायल ने नरसंहार को रोकने की कोशिश की। दूसरी ओर, फिलिस्तीनी नेतृत्व और इजरायल के आलोचकों ने गाजा में इजरायली सैन्य अभियान को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन दावों और आरोपों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरा मतभेद बना हुआ है।

नेतन्याहू के भाषण की शुरुआत ही विरोध के बीच हुई। उनके मंच पर पहुंचने से पहले कई देशों के प्रतिनिधि UNGA हॉल से बाहर चले गए। नेतन्याहू ने बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों को “moral cowards” कहा और अपना भाषण जारी रखा। हॉल में कई सीटें खाली दिखाई दीं, जबकि दर्शक दीर्घा में उनके समर्थकों ने तालियां बजाईं।अपने संबोधन में नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी प्रशंसा की। उन्होंने अमेरिका-इजरायल सहयोग को ईरान के खिलाफ कार्रवाई और क्षेत्रीय सुरक्षा के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया। हालांकि, इस यात्रा के दौरान नेतन्याहू और ट्रंप के बीच मुलाकात का कार्यक्रम नहीं था। नेतन्याहू न्यूयॉर्क में अपना UN भाषण देने के कुछ घंटों बाद ही इजरायल लौटने वाले थे।

नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की आलोचना भी की। ममदानी ने नेतन्याहू पर गाजा में गंभीर अपराधों के आरोप लगाए हैं, जबकि नेतन्याहू ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए उन पर इजरायल विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया। ममदानी ने बाद में नेतन्याहू के भाषण को खारिज करते हुए कहा कि इससे गाजा को लेकर उनके आरोपों में बदलाव नहीं आता।

UNGA में नेतन्याहू का संबोधन ऐसे समय हुआ जब गाजा युद्ध, ईरान के साथ सैन्य टकराव और इजरायल की क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाइयों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मतभेद बने हुए हैं। भाषण में नेतन्याहू ने इजरायल के सुरक्षा दृष्टिकोण और सैन्य अभियानों का पक्ष रखा, जबकि कई देशों के प्रतिनिधियों के वॉकआउट और न्यूयॉर्क में हुए विरोध प्रदर्शनों ने इस मुद्दे पर जारी अंतरराष्ट्रीय विवाद को सामने रखा।