विपक्ष के तेज हुए हमलों के बीच पीएम मोदी ने बताई अपनी ताकत, कहा- चुनाव अपनी जगह और.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी राजनीति और सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी ताकत जनता से मिलने वाला आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि सेवा भाव से किए गए कामों को लोग याद रखते हैं और सेवा करने वाले लोगों को जनता का आशीर्वाद मिलता है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, उनकी जिंदगी भी लोगों के इसी आशीर्वाद से आगे बढ़ी है और यही उनकी सबसे बड़ी ऊर्जा रही है।

पीएम मोदी ने यह बात ऐसे समय कही है, जब विपक्ष की ओर से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी राजनीतिक माहौल के बीच उन्होंने राजनीति और राष्ट्र निर्माण के बीच अंतर बताते हुए कहा कि राजनीति अपनी जगह है, चुनाव अपनी जगह हैं और शासन व्यवस्था भी अपनी जगह है। लेकिन उनका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य में युवाशक्ति की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने सेवा संकल्प यात्रा में शामिल युवाओं से लोगों के बीच जाकर सेवा का संदेश देने और अपने आचरण से सेवा की भावना को मजबूत करने की अपील की।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सत्ता कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाए, सेवा का मूल रास्ता नहीं बदलना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार और राजनीति का मूल उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए। उन्होंने सेवा को शासन व्यवस्था और संस्कारों का आधार बताते हुए कहा कि देश के लोगों की सेवा करते हुए ही राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री का यह बयान मौजूदा राजनीतिक माहौल में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि एक तरफ विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर सरकार पर हमलावर है, वहीं पीएम मोदी अपने संदेश में चुनावी राजनीति से आगे राष्ट्र निर्माण, सेवा और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर दे रहे हैं।