महाराष्ट्र की राजनीति में कांग्रेस के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे को लेकर हाल ही में चर्चा तेज हो गई। राहुल बोंद्रे भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर उनका फैसला बदल गया। बताया गया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खुद बोंद्रे से फोन पर बातचीत की, जिसके बाद उन्होंने BJP में शामिल होने का फैसला टाल दिया और कांग्रेस में बने रहने का निर्णय लिया।
राहुल बोंद्रे महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट से दो बार कांग्रेस विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2009 और 2014 के विधानसभा चुनाव में चिखली सीट से जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2019 और 2024 के चुनाव में उन्हें BJP की श्वेता महाले से हार का सामना करना पड़ा। 2024 के चुनाव में बोंद्रे करीब 3,200 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे। वे महाराष्ट्र कांग्रेस में लिंगायत समुदाय के प्रमुख नेताओं में भी गिने जाते हैं और लंबे समय से बुलढाणा तथा चिखली क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं।
राहुल बोंद्रे के BJP में शामिल होने की तैयारी 22 सितंबर को मुंबई में होनी थी। उनके मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और BJP प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होने की बात सामने आई थी। लेकिन कार्यक्रम से पहले कांग्रेस ने उनसे संपर्क किया। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के अनुरोध पर राहुल गांधी ने बोंद्रे से फोन पर बातचीत की।
रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने बोंद्रे से कांग्रेस नहीं छोड़ने की अपील की और उन्हें भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके साथ खड़ी है। बोंद्रे ने भी अपनी राजनीतिक स्थिति और हाल की चुनावी हार को लेकर राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखी। बातचीत के बाद उन्होंने BJP में शामिल होने का फैसला टाल दिया और कांग्रेस में बने रहने की घोषणा की।
राहुल बोंद्रे का BJP में जाना महाराष्ट्र कांग्रेस के लिए स्थानीय स्तर पर एक अहम राजनीतिक बदलाव माना जाता। ऐसे में राहुल गांधी की उनसे हुई बातचीत के बाद उनका कांग्रेस में बने रहना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। फिलहाल बोंद्रे ने कांग्रेस के साथ बने रहने का फैसला किया है और BJP में शामिल होने की उनकी प्रस्तावित योजना टल गई है।





