शास्त्री भवन और कृषि भवन होंगे खाली, बनेंगे नए सरकारी दफ्तर

नई दिल्ली में सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत शास्त्री भवन और कृषि भवन को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) ने दोनों भवनों में स्थित मंत्रालयों और विभागों को 30 सितंबर 2026 तक परिसर खाली करने का निर्देश दिया है। इन पुराने सरकारी भवनों की जगह अब नए और आधुनिक सरकारी कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा।

CPWD के निर्देश के बाद संबंधित मंत्रालयों और विभागों को अपने कार्यालय दूसरी जगह स्थानांतरित करने की तैयारी करनी होगी। शास्त्री भवन और कृषि भवन में लंबे समय से केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों और विभागों के कार्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें शिक्षा, सूचना एवं प्रसारण, महिला एवं बाल विकास, कृषि, सामाजिक न्याय और कॉरपोरेट मामलों से जुड़े कार्यालय शामिल हैं। इन कार्यालयों को चरणबद्ध तरीके से दूसरे सरकारी परिसरों में स्थानांतरित किया जाएगा।

इन दोनों भवनों की जगह कर्तव्य भवन-4 और कर्तव्य भवन-5 का निर्माण किया जाएगा। नए भवनों के निर्माण का ठेका पहले ही दिया जा चुका है। दोनों मौजूदा परिसरों को खाली कराने के बाद निर्माण एजेंसी को साइट सौंप दी जाएगी, जिसके बाद प्रस्तावित निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा। यह परियोजना सेंट्रल विस्टा के तहत विकसित किए जा रहे कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट का हिस्सा है।

कर्तव्य भवन-4 और 5 के निर्माण पर करीब 3,155 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस राशि में निर्माण के साथ पांच साल तक भवनों के संचालन और रखरखाव का खर्च भी शामिल बताया गया है। परियोजना को करीब 24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नए भवनों में सरकारी कामकाज के लिए आधुनिक सुविधाएं और बेहतर कार्यालय व्यवस्था उपलब्ध कराने की योजना है।

शास्त्री भवन और कृषि भवन को खाली कराए जाने के साथ सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत सरकारी कार्यालयों के पुनर्गठन का काम भी आगे बढ़ेगा। आने वाले समय में पुराने सरकारी कार्यालय परिसरों की जगह नए और आधुनिक भवन तैयार किए जाने की प्रक्रिया जारी रहने की उम्मीद है।