पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट को बड़ा झटका लगा है। पार्टी ने रेजीनगर सीट से रबीउल आलम चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन अब उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया है। रबीउल आलम के चुनाव मैदान से हटने के बाद इस सीट पर ममता बनर्जी के गुट के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
रबीउल आलम ने नामांकन वापस लेने के पीछे पार्टी के पारंपरिक चुनाव चिह्न ‘जोड़ा फूल’ नहीं मिलने को प्रमुख वजह बताया है। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने आ रही परेशानियों और चुनाव प्रचार से जुड़ी दिक्कतों का भी जिक्र किया। कम समय में नए चुनाव चिह्न को मतदाताओं तक पहुंचाना भी उनके लिए एक बड़ी चुनौती बताया गया है।
दरअसल, TMC के अंदर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को फिलहाल मूल TMC नाम और पुराने ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया है। ममता बनर्जी के गुट को नया नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया है। इस फैसले को लेकर ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख भी किया है।
रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है, जबकि वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी। इसी के साथ नंदीग्राम सीट पर भी 6 अक्टूबर को मतदान होना है।
खास बात यह है कि रेजीनगर से एक दिन पहले नंदीग्राम में भी ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचित प्रधानी डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। यानी लगातार दो सीटों पर ममता गुट के उम्मीदवारों के चुनाव मैदान से हटने का मामला सामने आया है। अब रेजीनगर में आगे की चुनावी रणनीति क्या होगी और मुकाबला किस तरह आगे बढ़ेगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।





