नासिक: महाराष्ट्र के नासिक जिले के निफाड़ में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर शिवसेना (UBT) ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे के नेतृत्व में कार्यकर्ता निफाड़ नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और बोरियों में भरकर लाए गए कुछ आवारा कुत्तों को नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी की टेबल पर छोड़ दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से कुत्तों की समस्या पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निफाड़ शहर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से लोगों में डर का माहौल है। उनके मुताबिक, कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और बच्चों, बुजुर्गों तथा राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि इलाके में 400 से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं और हर महीने बड़ी संख्या में लोग डॉग-बाइट का शिकार हो रहे हैं। निफाड़ उप-जिला अस्पताल के एक डॉक्टर के मुताबिक, अस्पताल में रोजाना करीब 5 से 6 डॉग-बाइट के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अधिकारी की टेबल पर नोटों की माला भी रखी और प्रशासन पर समस्या को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। उन्होंने आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनकी नसबंदी कराने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर दोबारा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने खास तौर पर गणेशोत्सव के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए समस्या के जल्द समाधान की मांग की।
वहीं, निफाड़ नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी धीरज भामरे ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए टेंडर प्रक्रिया दो बार शुरू की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि समस्या के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जबकि प्रदर्शनकारी तत्काल कार्रवाई चाहते हैं। आवारा कुत्तों को अधिकारी की टेबल पर छोड़ने का यह विरोध प्रदर्शन अब चर्चा का विषय बना हुआ है।





