ट्रंप ने PM मोदी के प्रयासों की तारीफ, बोले- ‘इन प्रयासों का स्वागत करता हूं’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध नशीली दवाओं के खिलाफ भारत की कोशिशों की सराहना की है। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने और सप्लाई चेन की सुरक्षा मजबूत करने की कोशिशों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारत के साथ नशीले पदार्थों के खिलाफ सहयोग को आगे भी जारी रखना चाहता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए भारत को उन देशों की सूची में शामिल किया है जिन्हें प्रमुख ड्रग ट्रांजिट या अवैध ड्रग उत्पादन वाले देशों के रूप में चिन्हित किया गया है।

ट्रंप के बयान में भारत के साथ United States-India Drug Policy Framework के तहत आगे भी सहयोग की बात कही गई है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच ड्रग तस्करी, अवैध उत्पादन और नशीली दवाओं में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की अवैध सप्लाई पर रोक लगाने के लिए सहयोग बढ़ाना है। इससे पहले जनवरी 2026 में अमेरिका और भारत के बीच ड्रग पॉलिसी को लेकर एक संयुक्त कार्य समूह की पहली बैठक भी हुई थी, जिसमें अवैध ड्रग नेटवर्क और प्रीकर्सर केमिकल्स की तस्करी रोकने पर जोर दिया गया था।

वहीं, अमेरिका की ओर से जारी सूची में भारत समेत कुल 23 देशों को प्रमुख ड्रग ट्रांजिट या अवैध ड्रग उत्पादन वाले देशों के तौर पर शामिल किया गया है। इस सूची में चीन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, मैक्सिको और वेनेजुएला जैसे देश भी शामिल हैं। हालांकि, किसी देश का इस सूची में होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि उसकी सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रही है। अमेरिकी निर्धारण में देशों की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाता है, जिनकी वजह से ड्रग्स के उत्पादन या ट्रांजिट की संभावना बन सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम में खास बात यह है कि भारत को ड्रग ट्रांजिट या उत्पादन वाले देशों की सूची में शामिल किए जाने के साथ ही ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने के प्रयासों की सार्वजनिक रूप से सराहना की है। इससे भारत-अमेरिका के बीच नशीले पदार्थों के खिलाफ सहयोग का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। दोनों देशों के बीच आगे भी इस क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई और सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने पर जोर रहने की संभावना है।