हॉकी टीम को मानसिक रूप से खुद को रीसेट करना होगा: पीआर श्रीजेश

भारतीय हॉकी टीम को आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए अब मानसिक मजबूती पर भी खास ध्यान देना होगा। पूर्व भारतीय गोलकीपर और टीम के कोचिंग सेटअप से जुड़े पीआर श्रीजेश ने कहा है कि खिलाड़ियों को मानसिक रूप से खुद को रीसेट करने की जरूरत है। उनका कहना है कि पिछले मैचों के प्रदर्शन, गलतियों या नतीजों का दबाव लेकर आगे बढ़ने के बजाय टीम को हर मुकाबले को एक नए मौके के तौर पर देखना चाहिए। बड़े टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन काफी महत्वपूर्ण होता है।

श्रीजेश के मुताबिक, हॉकी जैसे तेज खेल में एक छोटी गलती भी मैच का रुख बदल सकती है। इसलिए खिलाड़ियों को किसी गलती के बाद परेशान होने के बजाय तुरंत अपना ध्यान अगले पल और अगले मौके पर लगाना होगा। दबाव की स्थिति में धैर्य बनाए रखना, सही फैसला लेना और टीम की रणनीति पर भरोसा रखना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल और एक-दूसरे पर विश्वास भी टीम के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाएगा।

भारतीय टीम के लिए आने वाले मुकाबले इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि हर मैच में प्रदर्शन को बेहतर करने और अपनी कमियों को दूर करने का मौका मिलता है। टीम को पिछले प्रदर्शन से सीख लेकर अपनी कमजोरियों पर काम करना होगा, लेकिन पुराने नतीजों का मानसिक दबाव नहीं लेना चाहिए। श्रीजेश का संदेश साफ है कि खिलाड़ियों को सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर उतरना होगा और मैच के दौरान अपना फोकस बनाए रखना होगा। मानसिक रूप से मजबूत टीम ही दबाव वाले मुकाबलों में बेहतर तरीके से अपनी रणनीति को लागू कर सकती है।

ऐसे में भारतीय हॉकी टीम की तैयारी में फिटनेस, तकनीक और रणनीति के साथ मानसिक तैयारी भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। खिलाड़ियों को आत्मविश्वास बनाए रखते हुए एक टीम के रूप में खेलना होगा। अगर टीम दबाव को संभालते हुए अपनी गलतियों से सीखती है और हर मुकाबले में नए सिरे से शुरुआत करती है, तो आने वाले मैचों में अपने प्रदर्शन को सुधारने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।