त्रिशा विवाद के बीच तमिलनाडु CM विजय का बड़ा बयान, महिलाओं पर डबल मीनिंग टिप्पणी को लेकर बोले- कानून कार्रवाई करेगा

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम के नेता सी. जोसेफ विजय ने महिलाओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और डबल मीनिंग टिप्पणियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विधानसभा में पुलिस विभाग के अनुदान पर चर्चा के दौरान विजय ने कहा कि राजनीतिक आलोचना अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ व्यक्तिगत, अपमानजनक या मानहानिकारक टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महिलाओं का अपमान किया गया तो कानून अपना काम करेगा।

विजय का यह बयान ऐसे समय आया है जब DMK नेता और तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन को लेकर की गई कथित डबल मीनिंग टिप्पणी पर विवाद जारी है। अगस्त में तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान भीड़ से त्रिशा का नाम लिए जाने के बाद उदयनिधि ने ऐसी टिप्पणी की थी, जिसे आलोचकों ने आपत्तिजनक और अश्लील इशारा बताया। उदयनिधि ने बाद में कहा था कि उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा और किसी का नाम नहीं लिया।

विधानसभा में विजय ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि लोगों को यह सोचना चाहिए कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं को राजनीति पर कड़ी टिप्पणी करने का अधिकार है, लेकिन महिलाओं के बारे में अपमानजनक तरीके से बोलना उचित नहीं है। विजय ने यह भी कहा कि तमिलनाडु की जनता देख रही है कि कुछ लोग महिलाओं के बारे में किस तरह की डबल मीनिंग भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति के घर में मां, बहन या परिवार की महिलाएं होती हैं और इसलिए सार्वजनिक जीवन में महिलाओं का सम्मान बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर किसी महिला का अपमान किया जाता है तो कानून उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। विजय ने यह भी कहा कि महिलाएं उनकी राजनीतिक जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं और वह उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

त्रिशा से जुड़े विवाद के बाद तमिलगा वेत्री कझगम ने भी उदयनिधि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पार्टी ने राष्ट्रीय महिला आयोग से मामले का संज्ञान लेने, स्पष्टीकरण और सार्वजनिक माफी की मांग करने की अपील की थी। विवाद के बाद पुलिस ने उदयनिधि के खिलाफ मामला दर्ज किया था और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई थी। बाद में मद्रास हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें स्टेशन बेल पर रिहा किया गया।

विजय के ताजा बयान को तमिलनाडु की सत्तारूढ़ TVK और विपक्षी DMK के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अपने बयान के दौरान उदयनिधि का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका बयान सीधे तौर पर चल रहे त्रिशा विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। विजय ने साफ संकेत दिया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद महिलाओं को निशाना बनाने वाली भाषा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और ऐसे मामलों में कानून अपना रास्ता अपनाएगा।