Cockroach Janta Party (CJP) के समर्थकों ने दिल्ली में एक हिंदुत्व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का कारण इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज पर लगाए गए आरोप हैं। CJP समर्थकों का दावा है कि उन्होंने एक छात्र प्रदर्शनकारी के पिता के साथ कथित मारपीट को लेकर बयान दिया था, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हुई।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले की जांच करने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित इन्फ्लुएंसर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। समर्थकों का कहना है कि राजनीतिक या वैचारिक मतभेद के बावजूद किसी व्यक्ति को कथित तौर पर हिंसा या धमकी का सहारा लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

CJP का गठन इसी साल सोशल मीडिया पर शुरू हुए एक व्यंग्यात्मक अभियान से हुआ था, लेकिन बाद में यह आंदोलन छात्रों और युवाओं के बीच बड़ा राजनीतिक मंच बन गया। इसके संस्थापक अभिजीत डिपके के नेतृत्व में संगठन ने NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक प्रदर्शन किया था।CJP के आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद हुआ था। जुलाई में संसद की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक उस दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों के 118 से ज्यादा जवानों तथा करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।

हालांकि, मौजूदा प्रदर्शन में उठाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन्फ्लुएंसर के खिलाफ लगाए गए आरोपों में क्या तथ्य हैं और उनके आधार पर किसी आपराधिक कार्रवाई की आवश्यकता बनती है या नहीं।यह घटनाक्रम CJP और उसके विरोधियों के बीच बढ़ती राजनीतिक और सोशल मीडिया की तनातनी को भी दिखाता है। संगठन के समर्थक जहां अपने नेताओं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर उनके आंदोलन और तरीकों को लेकर भी लगातार बहस जारी है।





