तमिलनाडु के 52 मंदिरों में स्मार्टफोन बैन: वायरल दावे की सच्चाई और नियम

तमिलनाडु के 52 प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा स्मार्टफोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर की पवित्रता, आध्यात्मिक शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना है। मद्रास उच्च न्यायालय (मादुरै पीठ) के दिसंबर 2022 के निर्देशों के तहत राज्य के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग द्वारा लागू किए गए इस नियम के अनुसार अब मंदिरों में केवल बिना कैमरे वाले साधारण कीपैड फोन ही अंदर ले जाने की अनुमति है, जबकि स्मार्टफोन को सुरक्षित रखने के लिए प्रवेश द्वारों पर ₹5 की मामूली दर से टोकन और लॉकर काउंटर बनाए गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उस तस्वीर का दावा पूरी तरह से भ्रामक और असत्य है जिसमें इस फैसले का श्रेय अभिनेता और राजनीतिक दल ‘तमिलगा वेत्री कज़गम’ के प्रमुख जोसेफ विजय की सरकार को दिया गया है; असल में यह एक प्रशासनिक और न्यायिक आदेश है जिसका क्रियान्वयन तमिलनाडु की वर्तमान एम.के. स्टालिन सरकार के विभाग द्वारा किया गया है और इसमें अभिनेता विजय या उनकी पार्टी की कोई भूमिका नहीं है।