नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की जान गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ और भूस्खलन से कई इलाकों में घर, सड़कें और जरूरी बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस त्रासदी को लेकर अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने भी गहरा दुख जताया है।
एनडीटीवी से बातचीत में सोनू सूद ने नेपाल में आई आपदा पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सबसे ज्यादा दर्द छोटे बच्चों और उन परिवारों को देखकर होता है, जिन्होंने इस आपदा में अपनों को खो दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में बच्चों की स्थिति की कल्पना करना भी बेहद मुश्किल है।
सोनू सूद ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सबसे जरूरी चीज लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाना है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा होना जरूरी है।
नेपाल में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने कई क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया। तेज पानी के बहाव और मलबे के कारण कई स्थानों पर संपर्क टूट गया है। बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
आपदा के बीच राहत और बचाव अभियान में स्थानीय प्रशासन के साथ सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियां भी जुटी हुई हैं। कई प्रभावित इलाकों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, जिसके कारण राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता पहुंचाने में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं।
सोनू सूद लंबे समय से जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए जाने जाते हैं। कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों की सहायता से लेकर अलग-अलग आपदाओं और संकटों में लोगों की मदद तक, वह कई राहत अभियानों का हिस्सा रहे हैं। नेपाल की इस त्रासदी पर उनकी प्रतिक्रिया ने एक बार फिर मानवीय संवेदनाओं और आपदा के समय एक-दूसरे की मदद करने की जरूरत को सामने रखा है।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी जारी है। प्रभावित परिवार अपने लापता परिजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं, जबकि बचाव दल कठिन परिस्थितियों के बीच लगातार काम कर रहे हैं। इस त्रासदी ने एक बार फिर याद दिलाया है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर परिवारों पर पड़ता है।





