अयोध्या: राम जन्मभूमि ट्रस्ट आज तय करेगा मंदिर का पहला CEO, 5,585 आवेदनों में से चुने गए तीन नाम

अयोध्या में राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में आज बड़ा फैसला होने जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुधवार को अपनी अहम बैठक में मंदिर के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर अंतिम फैसला कर सकता है। बैठक दोपहर करीब 2 बजे मणिराम दास छावनी में होने वाली है।

CEO पद के लिए देशभर से 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। लंबी चयन प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग की गई और कई चरणों के इंटरव्यू के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया गया है। अब इन्हीं नामों पर ट्रस्ट के सदस्य विचार करेंगे और अंतिम चयन करेंगे।

CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी बनाई गई थी। इसमें रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और वैज्ञानिक-सामाजिक क्षेत्र से जुड़े सुरेश हावरे शामिल थे। कमेटी ने आवेदन प्रक्रिया और इंटरव्यू के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है।

चयन प्रक्रिया काफी व्यापक रही। बड़ी संख्या में आए आवेदनों को निर्धारित मानदंडों के आधार पर छांटा गया। इसके बाद उम्मीदवारों से ऑनलाइन बातचीत और अयोध्या में आमने-सामने इंटरव्यू किए गए। ट्रस्ट के मुताबिक, CEO के लिए ऐसे व्यक्ति की तलाश की गई है जिसमें मजबूत संगठनात्मक क्षमता, नेतृत्व, प्रबंधन कौशल, ईमानदारी और बड़े धार्मिक संस्थान को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की क्षमता हो।

नए CEO की भूमिका मंदिर की रोजमर्रा की प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने में अहम होगी। इसमें मंदिर संचालन, कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच समन्वय, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर व्यवस्थाओं को बेहतर करना, विभिन्न समितियों के साथ तालमेल और प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाना शामिल हो सकता है। प्रस्तावित बदलावों में CEO और ट्रस्ट के महासचिव के अधिकारों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने पर भी चर्चा हो सकती है।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और मंदिर प्रशासन को पहले से कहीं बड़े स्तर पर संचालन करना पड़ रहा है। ट्रस्ट की बैठक में CEO के अलावा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय मामलों, समितियों के पुनर्गठन और श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने संकेत दिया है कि आज की बैठक के बाद CEO के नाम की घोषणा हो सकती है, हालांकि अंतिम फैसला ट्रस्ट के सभी सदस्यों की सहमति से ही होगा। इसलिए बैठक के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अयोध्या राम मंदिर के प्रशासन की कमान संभालने वाला पहला CEO कौन होगा।

इस नियुक्ति को राम मंदिर के प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पहले CEO की नियुक्ति के साथ मंदिर के संचालन में एक अधिक पेशेवर और संस्थागत प्रबंधन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में नई शुरुआत होने की उम्मीद है।