चेन्नई के चर्चित सूटकेस मर्डर केस की जांच में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक, 38 वर्षीय हयातुन निशा की कथित तौर पर उसके प्रेमी ने हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि निशा गर्भवती थी और वह अपने प्रेमी मणिक उद्दीन लस्कर पर शादी करने का दबाव बना रही थी। उसने गर्भपात कराने से भी इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद हो रहे थे।
निशा का शव 5 अगस्त को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में पड़े लावारिस लाल रंग के सूटकेस से बरामद हुआ था। ट्रेन 3 अगस्त को चेन्नई सेंट्रल से नई दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। सूटकेस से महिला के शरीर के कटे हुए हिस्से मिलने के बाद पुलिस ने चेन्नई से लेकर ट्रेन के रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को चेन्नई सेंट्रल स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में एक युवक और महिला सूटकेस ले जाते हुए दिखाई दिए। मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी सबूतों की मदद से पुलिस उनकी गतिविधियों को गुडुवनचेरी स्थित एक किराए के मकान तक ट्रैक करने में सफल रही। इसके बाद पुलिस ने असम के रहने वाले 22 वर्षीय मणिक उद्दीन लस्कर और उसकी पत्नी भगाबती माझी को मणिपुर के जिरीबाम जिले से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, निशा और मणिक के बीच करीब छह महीने से संबंध थे। निशा के गर्भवती होने के बाद उसने मणिक से शादी करने की मांग की, लेकिन वह कथित तौर पर शादी के लिए तैयार नहीं था। निशा ने गर्भपात कराने से भी इनकार कर दिया। इस मुद्दे को लेकर दोनों के बीच कई बार झगड़ा हुआ और जांचकर्ताओं को संदेह है कि इन्हीं विवादों के बाद मणिक और उसकी पत्नी ने कथित तौर पर निशा की हत्या की साजिश रची।
हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके कई टुकड़े किए गए। पुलिस का कहना है कि शव के कुछ हिस्से लाल सूटकेस में रखकर तमिलनाडु एक्सप्रेस में चढ़ाए गए, जबकि अन्य हिस्से गुडुवनचेरी स्थित मकान से बरामद किए गए। जांचकर्ताओं ने घर से शरीर के कुछ और हिस्से एक बड़े खाना पकाने वाले बर्तन से बरामद किए।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए निशा का सिर मुंडाया और उसे भी नुकसान पहुंचाया। कथित तौर पर सिर सूटकेस में फिट नहीं हो रहा था, जिसके बाद उसे छोटे हिस्सों में करने की कोशिश की गई। जांचकर्ताओं का मानना है कि पहचान मुश्किल बनाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया। पुलिस अब आगरा रेलवे पुलिस के साथ मिलकर यह पता लगाने में जुटी है कि शव के सभी हिस्से बरामद हुए हैं या नहीं।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की परिस्थितियों, घटनाक्रम और शव को ठिकाने लगाने में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर और जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस द्वारा सामने रखे गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।





