झारखंड में 14वीं जेपीएससी (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के रांची लौटते ही राज्य सरकार सक्रिय हो गई है। बेंगलुरु से वापस आने के बाद सरकार ने आंदोलनरत छात्रों से संवाद स्थापित करने की पहल शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, सरकार मंत्रियों और वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने की तैयारी में है। यह कमेटी छात्रों से सीधे बातचीत करेगी, उनकी मांगों को सुनेगी और आंदोलन का समाधान बातचीत के जरिए निकालने का प्रयास करेगी।
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित कमेटी में दो मंत्री, कैबिनेट सचिवालय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और अन्य अनुभवी आईएएस अधिकारियों को शामिल किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी बातचीत की प्रक्रिया में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य छात्रों को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाना और जल्द से जल्द औपचारिक वार्ता शुरू करना है। खबरों के अनुसार, छात्रों और सरकारी कमेटी के बीच बातचीत जल्द शुरू हो सकती है।
इस बीच, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा-2023 के कथित पेपर लीक मामले की सीआईडी जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ पूर्व अधिकारियों ने जांच की पारदर्शिता पर चिंता जताई है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया को लेकर बहस और तेज हो गई है।
अब सभी की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत पर है। यदि वार्ता सफल रहती है, तो लंबे समय से चल रहा छात्र आंदोलन समाप्त होने की संभावना बन सकती है।





